आज १ २ ३ समझौते को लेकर सरकार पर बन आयी है। ये तो सिर्फ शुरुआत है ऊर्जा एक ऐसा मुद्दा है जो हमेशा देश की राजनीति को गर्म रखेगा।
मेरे विचार से देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रान्ति आ सकती है यदि मेरे ' हर भवन पे पवन' माडल को क्रियान्वित किया जाये।
देश में ३० हज़ार मेगावाट पवन ऊर्जा की संपदा है। दोहन हेतु यदि हम हर बहुमंजिला इमारत के ऊपर एक मेगावाट की पवन चक्कियों को तान दें तो देश कहॉ पहुच जाएगा इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
तो साथ दीजिए मेरे 'हर भवन पे पवन' माडल का।
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2 comments:
राजेश, आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी हो रही है कि आप पवन ऊर्जा के आप उपासक हैं।
आपकी सभी प्रविष्टियाँ बहुत अच्छी लगीं; विशेषकर इसलिये कि आपने अपनी बात संक्षेप में कह दिया है, पूरी स्पष्टता के साथ.
शायद आपका ब्लाग 'नारद' पर रजिस्टर नहीं है; करा लीजिये तो आपकी पोस्टों के बारे में सबको पता चल जायेग।
यहाँ जाइये:
http://narad.akshargram.com/
'हर भवन पे पवन' माडल का। आडिया बहुत बढिया है बस ऎसे शानदार कल्पना को मूर्त रुप कैसे दिया जाय इस पर भी कुछ बता दीजिये ...
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