Friday, July 18, 2008

आराम 24X7


क्या रक्खा है चिक चिक में भला

जब आधा सा जीवन ही बीत चला

रोटी कपडा मकान और ब्लॉग मिला

बंद कर ये रोना धोना शिकवा गिला

पीकर लोटा भर छाछ आर्मचेयर हिला

कोई नोवल पढ़, कछुआ जला

कमबख्त सुडोकू में माथा मत पिला

आराम दे दिमाग को, उसे सुला

मोबाइल ऑफ़ कर , सब कुछ भुला

दुनियादारी ने हमेशा तुझे छला

मस्त सोजा, जाए भाड़ में सब बला


1 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत सही, सो जाओ.