Friday, July 11, 2008

न्यूक्लीयर डील के साथ साथ ..


न्यूक्लीयर डील भारत कि ऊर्जा सुरक्षा हेतु ज़रूरी है, अन्यथा न्यूक्लीयर पावर प्लांट्स पे ताला लगेगा।

पर क्या हमने इतनी इच्छाशक्ति ऊर्जा के एक अन्य सोर्स के लिए दिखाई है ? आज तक कोई ' थ्रस्ट ' पवन ऊर्जा को नही दिया गया । किसी मंत्री ने पवन ऊर्जा पर सभी पार्टियों को बुला कर प्रेजेंटेशन नही दिए, कोई मीडिया गाइडेंस नही- आख़िर पवन ऊर्जा का महत्त्व हम लोग कब समझेंगे ?।

सुजलोन अपने बलबूते पे विश्व के अग्रणी कम्पनी बनी, आज उसे सरकारी प्रोत्साहन की ज़रूरत है। अपने वी -२ ब्लेड के मॉस - फैल्यर के कारण यह कम्पनी घाटा खा रही है । राज्य सरकारों की और से लंबित लैण्ड क्लीयरेंस कई मेगावाट के प्लांट्स को रोके बैठी है। पर जितना प्रयास हमने न्यूक्लीयर डील के लिए किया, उसका एक अंश भी इस क्लीन ग्रीन ऊर्जा के लिए नही किया.

4 comments:

Anil said...

सौर ऊर्जा का भी यही हाल है।

महेंद्र मिश्रा said...

Apke vicharo se sahamat hun . sour urja or pawan urja ke liye kuch bhi nahi kiya gaya hai .

sunil said...

dear sir
mujhe agriculthur me pump set chalane ke liye pavan urja plant lagwana h iski kimat kya aayegi plz. mujhe bataye
mo.no.9929428322
kamlesh dhakar

Chandrakant Londhe said...

Apke vicharo se sahamat hun . sour urja or pawan urja ke liye kuch bhi nahi kiya gaya hai . ye Hamare Desh ke Liye Had Se Jada Jaruri Hi.