Sunday, June 14, 2009

भायंदर की खाड़ी पे एक हसीन शाम


रविवार की एक शाम मनोरम भायंदर क्रीक पर. मेंग्रोव तो दिखायी नहीं देते पर शाम सुहानी लगती है. बादलों में छुपा सूरज डूबता गया और ब्रिज से गुज़रती ट्रेनों के संगीत में भायंदर क्रीक सो गया.

1 comments:

नीरज गोस्वामी said...

बहुत सुन्दर चित्र...
नीरज