Tuesday, September 8, 2009

एयरटेल-ग्राहक शोषण का पर्याय

हमारे देश में निजी कंपनियों को ग्राहकों को परेशान करने की खुली छूट है. मेरे प्रीपेड मोबाईल पर अचानक एक दिन बिन मांगे 'लव-टिप' एस.एम्.एस. आने लगे. और साथ में तीन रुपये काटने का सन्देश. 121 पर कल करने से कोई लाभ न हुआ तो हमने एक सर्विस सेंटर पर जाकर शिकायत की. तब कहीं ये एस.एमएस. और पैसे काटना बंद हुए.काफी जोर डालने पर उन्होंने कुछ दस रुपये मेरे खाते में क्रडिट किये.( काटा गया पैसा कही अधिक था ).
पर इस बात को एक महीना भी नही हुआ की ये फिर शुरू हुआ. और इस बार तो बंद ही नही हो रहा. एयरटेल के बड़े बड़े ऑफिसों में चक्कर काटे, 'शिकायत पुस्तिका ' मांगी , जवाब मिला- शिकायत पुस्तिका तो हम रखते ही नही है. वेबसाईट पर दिए नम्बर पर कोई उठाता नहीं है.
क्या किया जाए?

6 comments:

उम्दा सोच said...

उनके चेयरमॆन को जूते का हार भेट करें!

अर्कजेश *Arkjesh* said...

हम सबके पास कमोबेश इसी तरह के अनुभव हैं ।

संगीता पुरी said...

आज ग्राहक का मतलब ही शोषित होना है .. सभी कंपनियों को अपनी चिंता रहती है .. ग्राहकों की सुनता ही कौन है !!

reet said...

airtel ki is kartoot ke parche chapwakar use airtel ke office mein jane wale har ek grahak ko de aur akhbaron ke hawkeron ke madhyam se jyadatar grahakon ko bhi batwayen ...
parche mein airtel ki is kartoot ko to likhe hi saath hi usme airtel ke grahak na banne ke liye salah bhi den..

aur jin logon ko is tarah ka anubhav hua hai unhe bhi aisa hi karne ki muft salah den....akal thikane aa jayegi company ki ..

Dipti said...

उपभोक्ता फ़ोरम में एक शिकायत दर्ज़ किजिए। इससे आपकी परेशानी भी दूर होगी और ज़ुर्माना भी मिलेगा।

Raju said...

कल सुबह मेरे एयरटेल मोबाइल 9005510199 पर दो एस एम एस आया कि हमने आपके नम्बर पर फ़लां सर्विस एक्टिवेट कर दी है और आपके बैलेंस से २५ रुपये काट लिये गये हैं. मैंने ऐसी किसी सर्विस के लिये रेक्वेस्ट नहीं किया था. जब मैंने कस्टमर केयर को फ़ोन किया (इसके भी कॉल चार्जेज लग रहे थे) तो पांच मिनट तक ऊल-जलूल सवाल पूछने के बाद उसने अपने ’सीनियर’ को कॉल ट्रांसफ़र कर दी, सीनियर ने छ: मिनट वैसे ही ऊल-जलूल प्रश्न पूछे फ़िर बताया कि अभी कुछ तकनीकी खराबी की वजह से हम आपकी समस्या ही नहीं समझ पा रहे हैं आप दो घंटे बाद फ़िर फ़ोन कीजिये. जब दो घंटे बाद फ़ोन करने की कोशिश की तो मुझे सहायता अधिकारी तक पहुंचने ही नही दिया गया. कई प्रयास किये पर हरबार आइवीआर द्वारा ’एयरटेल में कॉल करने के लिये धन्यवाद’ कहकर फ़ोन काट दिया जाता रहा. अगले दिन यानि आज फ़िर फ़ोन किया तो उसी तरह पांच मिनट तक अनाप-शनाप पट्टी पढ़ाने के बाद फ़िर "सीनियर" को कॉल ट्रांसफ़र करने की बात कहकर मुझे फ़ोन होल्ड रखने को कहा गया. पांच मिनट तक मेरे कानों में संगीत की आवाज आती रही पर कोई सीनियर लाईन पर आया ही नहीं. फ़िर अपने आप फ़ोन कट गया. जाहिर है ये सब ग्राहक को बेवकूफ़ बनाने की कवायद के सिवा कुछ नहीं था. ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है. ये एयरटेल वालों की खुली धांधली है. बिना किसी से पूछे उसके पैसे ले लेना जेबकतरागिरी है. क्या हमारा पैसा उसके पास एडवांस में जमा है तो एयरटेल जो मर्जी आये किसी भी बहाने से हमारा पैसा काटता रहे और हम कस्टमर केयर पर अंतहीन फ़ोन कर कर के अपने बाकी के पैसे भी लुटाते रहें.