कभी कभी कितना मुश्किल होता है
बस खुद को समझा पाना.
हलक में अटके बोल कह पाना.
जाते हुए को रोक पाना .
एक पल के लिए सो पाना.
आँखों देखी भुला पाना.
यादों से निकल पाना.
दर्द का एहसास दिला पाना.
गुस्से को छिपा पाना.
ज़िंदगी को झेल पाना.
स्वागत है मेरे दरबार में आपका. पवन ऊर्जा, बेबाक बयानी और सिर्फ़ दिल की सुनना - इनमे से कुछ भी आपको पसन्द है तो हम दोस्त हैं.
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